001. गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता    जाकी   पार्वती,   पिता महादेवा।।


एकदंत,  दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी। 


पान   चढ़े,   फूल   चढ़े   और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।।



अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,

बांझन   को   पुत्र  देत, निर्धन को माया। 


दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी। 
कामना को  पूर्ण करो जय बलिहारी।

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।। 

Post a Comment

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner