1.5 स्वर कैसे बदले?
जब हम स्वरों के महत्व को समझ जाएंगे । तो ऐसे कई अवसर आएंगे जब हमें स्वर बदलने की आवश्यकता होगी। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि स्वरों को हमारा शरीर नियंत्रित नहीं करता हम अपनी इच्छा से स्वरों को बदल अर्थात परिवर्तित कर सकते हैं।
कैसे ? चलिए हम बताते हैं।
1. जिस नथुने से स्वर चल रही हो उसी करवट लेटने पर स्वर बदल जाएगा।
2. जो स्वर नहीं चल रहा है, उसे अंगूठी से दबाकर। चलित स्वर से श्वास ऊपर को खींचे। फिर खींची गई सांस वाले स्वर को दबाकर न चलने वाले यह ईश्वर को चलाना हो उस स्वर से सांस छोड़ने का प्रयास करें ऐसा करके श्वास या स्वर बदल जाएगा।
3. चलित स्वर को स्वच्छ रूई के फाए से बंद करके भी स्वर को बदला जा सकता है।
4. विद्वान बताते हैं कि घी खाने से बाया स्वर चलने लगता है और शहद खाने से दक्षिण अर्थात दायां स्वर चलने लगता है। इसे आप भी आजमा कर देखिए। हम तो आजमा कर देख चुके हैं।
5. कुछ देर चलित स्वर की ओर गर्दन टेढी करके या झुकाकर बैठने पर स्वर बदल जायेगा।

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