Showing posts from March, 2022Show all

आदिकाल की विशेषताएं

आदिकाल की विशेषताएं   आदिकाल:- (1050-1375 के बीच)  आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिन्दी के प्रथम काल को विरगाथा काल नाम दिया। उनका कहना हैं कि इस युग में आने वाली रचनाओं में अधिकांश विरगाथा काव्य हैं। उन्होंने जैनों द्वारा प्रस्तुत प्रचीन ग्रंथो को धामिर्क साहित्य बतला कर उ…

Read more

रासो काव्य परंपरा पर टिप्पणी लिखिए।

रासो काव्य परंपरा पर टिप्पणी लिखिए। रासो काव्य परंपरा कुछ विद्वानों ने 'रासो' शब्द का संबंध 'रहस्य' और 'रामायण' से जोड़ा है जो हास्यास्पद प्रतीत होता है । आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने 'रासो' शब्द का संबंध 'रसायन' से माना है जिसका अर्…

Read more

'चैत्र नवरात्र' चैत्र नवरात्र की शुरूआत 2 अप्रैल 2022 से 11 अप्रैल 2022 तक।

'चैत्र नवरात्र' चैत्र नवरात्र की शुरूआत 2 अप्रैल 2022 से 11  अप्रैल 2022 तक।  इस बार पूरे 9 दिनों के लेखक ॐ जितेंद्र सिंह तोमर 10/3/30/3/2022 'चैत्र नवरात्र' चैत्र नवरात्र की शुरूआत 2 अप्रैल 2022 से 11 अप्रैल 2022 तक।  इस बार पूरे 9 दिनों के 'चैत्र …

Read more

जानिए रंगों के बारे में

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि संसार में यदि रंग न होते तो सब कुछ कितना नीरस लगता लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंग अपने आप में एक साइंस हैं जो लाइट यानी प्रकाश का हिस्सा हैं। रंगों से जुड़ी कई रोचक बातें हैं लेकिन सबके रोचक बात तो यही है कि रंगों का कोई अस्तित्व नहीं है। …

Read more

शास्त्रोक्त जानकारी गिनती में

शास्त्रोक्त जानकारी गिनती में एक : ईश्वर दो लिंग : नर और नारी । दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)। दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन। तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर। तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी। तीन लोक : प…

Read more

समय वर्णन - 02 || एक युग में कितने वर्ष होते हैं?

समय वर्णन - 02 || एक युग में कितने वर्ष होते हैं? विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो पर किया अनिल अनुसंधान ) ■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग ■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग ■ 2 त्रुति = 1 लव , ■ 1 लव = 1 क्षण ■ 30 क्षण = 1 विपल , ■ 60 विपल…

Read more

समय वर्णन - 01 || चारों युगों के महामंत्र

मुहूर्त मुहूर्त  एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है  जिसमें  ग्रह निहारिकाओं की  शुभ रश्मियों  के आगमन से  मानव मन  उत्साह से  अपने शुभ कार्यों को संपादित कर सकता है  इसके लिए  यह वर्णन यहां प्रस्तुत किया जा रहा है । 5000 वर्ष पूर्व श्री कृष्ण अर्जुन को उपदेश देते हुए सृष्टि चक…

Read more

संस्कृत 01 || वेद मन्त्रों के उच्चारण करने के सामान्य नियम

संस्कृत 01 || वेद मन्त्रों के उच्चारण करने के सामान्य नियम वेद मन्त्रों के उच्चारण करने के सामान्य नियम अधिकतर लोग यह सोचते है कि वेद मन्त्रों का उच्चारण कठिन है क्योंकि उन्होंने कभी संस्कृत भाषा का अध्ययन नहीं किया है। तो हम आपसे कहेंगे कि आप इस विचार को पूरी तरह त्या…

Read more

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner