प्रयागराज आया, कहता है मेरे पास चार फल हैं, आप जो लेना चाहें ले लें। भरत जी ने चारों को इंकार कर दिया। अर्थ नहीं चाहिए, देख लिया कि कैकेयी ने अर्थ के लिए अनर्थ कर दिया। गति नहीं चाहिए भगति चाहिए। काम नहीं चाहिए राम चाहिए। और जिस धर्म के लिए पिता जी ने राम जी का त्याग क…
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