पांचांत अर्थात 5 से अन्त होने वाली संख्याओं गुणा
गुणा निखिलांक उपप्रमेय नंबर 1 →एकाधिकेन पूर्वेण
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से वर्ग
सूत्र = (निखिलांक) × (निखिलांक का एकाधिकेन) / (चरमांक)²
हम किसी संख्या को दो भागों में विभक्त कर सकते हैं । इकाई के अंक को हम चरमांक कहते हैं जबकि शेष बचा भाग निखिलांक के नाम से जाना जाता है।
(शेष बचा भाग निखिलांक)(इकाई का अंक)
अतः
(शेष बचा भाग निखिलांक)(चरमांक)
जैसे
* 15 में चरमांक 5 तथा निखिलांक 1 है।
* 75 में चरमांक 5 तथा निखिलांक 7 है।
* 185 में चरमांक 5 तथा निखिलांक 18 है।
* 9415 में चरमांक 5 तथा निखिलांक 941 है।
इस सूत्र के प्रयोग से 5 से अंत होने वाली संख्याओं की गुणा बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।
जैसे: 5 × 5, 15 × 15, 25 × 25, 35 × 35, 45 × 45, 65 × 65 105 × 105, 135 × 135, 125 × 125, 115 × 115, आदि की गुणा।
Q. 5 की गुणा
05 में 'पूर्व' अंक है 0 और •0 का एकाधिक 1 होता है। इसलिए
5 × 5
=0/5²
= 0ו0/5²
=0×1/25
=0/25
=25
Q. 15 की गुणा
05 में 'पूर्व' अंक है 1 और •1 का एकाधिक 2 होता है। इसलिए
15 × 15
=1/5²
= 1ו1/5²
=1×2/25
=2/25
=225
Q. 25 की गुणा
25 में 'पूर्व' अंक है 2 और •2 का एकाधिक 3 होता है। इसलिए
25 × 25
=2/5²
= 2ו2/5²
=2×3/25
=6/25
=625
Q. 35 की गुणा
35 में 'पूर्व' अंक है 3 और •3 का एकाधिक 4 होता है। इसलिए
35 × 35
= 3/5²
= 3ו3/5²
=3x4/25
=1225
Q. 105 की गुणा
105 में 'पूर्व' अंक है 10 और •(10) का एकाधिक 11 होता है। इसलिए
105 × 105
=10/5²
= 10ו10/5²
=10×11/25
=110/25
=110225
Q. 115 की गुणा
115 में 'पूर्व' अंक है 11 और •(11) का एकाधिक 12 होता है। इसलिए
115 × 115
=11/5²
= 11ו11/5²
=11×12/25
=132/25
=13225
Q. 125 की गुणा
125 में 'पूर्व' अंक है 12 और •(12) का एकाधिक 13 होता है। इसलिए
125 × 125
=12/5²
= 12ו12/5²
=12×13/25
=156/25
=15625
Q. 395 की गुणा
395 में 'पूर्व' अंक है 39 और •(39) का एकाधिक 40 होता है। इसलिए
395 × 395
=39/5²
= 39ו39/5²
=39×40/25
=1560/25
=156025
Q. 1995 की गुणा
1995 में 'पूर्व' अंक है 199 और •(199) का एकाधिक 200 होता है। इसलिए
1995 × 1995
= 199/5²
= 19ו199/5²
= 19×200/25
= 3800/25
= 380025
अभ्यास प्रश्न
निम्न का एक-एक कर वर्ग ज्ञात करो:
45 × 45, 65 × 65, 75 × 75, 85 × 85, 95 × 95, 135 × 135, 145 × 145, 185 × 185, 195 × 195, 1235 × 1235, 1545 × 1545, 1785 × 1785, 1895 × 1895
लेखक
ॐ जितेंद्र सिंह तोमर
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