इरफान खान भारतीय सिनेमा और टीवी जगत के मशहूर अभिनेता

भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन के मशहूर अभिनेता इरफान खान ........
नई दिल्ली:
आज दिनांक 29 अप्रैल 2020 को बॉलीवुड के मशहूर एक्टर इरफान खान (Irrfan Khan Dies at 53) का निधन मुंबई, महाराष्ट्र, भारत हो गया है। हम आपको बता दें, कि हाल ही में इरफान खान की तबियत बिगड़ गई थी, जिसके बाद एक्टर को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
‪किसी ने सही ही कहा है –
😢 ‪“रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई,‬
‪तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई !‬
‪इक बार तो ख़ुद मौत भी घबरा गई होगी,‬
‪यूँ मौत को सीने से लगाता नहीं कोई..!”😢
           
इरफान खान
 
कोरोना संक्रमण के बीच चल रहे लॉकडाउन में इरफान खान के निधन पर पूरा बॉलीवुड शोक में डूब गया है।
हम आपको बता दें कि साल 2018 में इरफान खान (Irrfan Khan Dead) को पता चला था कि वह न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए इरफान खान लंदन भी गए थे और करीब साल भर इलाज कराने के बाद वह वापस भारत लौटे।
कुछ दिन पहले इरफान खान (Irrfan Khan) की मम्मी सईदा बेगम का राजस्थान में निधन हो गया था। लॉकडाउन के कारण इरफान खान अपनी मम्मी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे में एक्टर को वीडियो कॉल के जरिए ही अपनी मम्मी का अंतिम दर्शन करना पड़ा था।
अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाने वाले भारतीय फिल्म के बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान हैं। इरफान खान का जन्म भारत के एक मुस्लिम परिवार में जयपुर में हुआ था। सईदा बेगम खान इनकी माताजी और यासीन अली खान इनके पिता जी का नाम था। उनके माता पिता टोंक जिले के पास खजुरिया गाँव से थे । 23 फरवरी 1995 को, उन्होंने ने फिल्म लेखक और साथी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) स्नातक सुतापा सिकदर से हुई जिनसे उन्हें दो बच्चे बाबिल और अयान हैं।
इरफान जब एम.ए. की पढ़ाई कर रहे थे तभी उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई के लिए स्कालरशिप प्राप्त हुई थी। उन्होंने 1984 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय अर्थात नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति अर्जित की और वहीँ से अभिनय में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उनके करियर की शुरूआत टेलीविजन सीरियल्स से हुई थीा अपने शुरूआती दिनों में वे चाणक्य, भारत एक खोज, चंद्रकांता जैसे धारावाहिकों में दिखाई दिए। उनके फिल्मी करियर की शुरूआत फिल्म 'सलाम बाम्बे' से एक छोटे से रोल के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में छोटे बड़े रोल किए लेकिन असली पहचान उन्हें 'मकबूल', 'रोग', 'लाइफ इन ए मेट्रो', 'स्लमडॉग मिलेनियर', 'पान सिंह तोमर', 'द लंचबाक्स' , 'हिंदी मीडियम' जैसी फिल्मों से मिली।
उन्हें तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर फिल्म 'पान सिंह तोमर' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया।

एक साधारण जन जीवन से मिलते जुलते अभिनय उनकी एक मुख्य विशेषता रही है।
उनकी फिल्में लीक से हटकर होने की वजह से मशहूर हैं।
इरफ़ान की हालिया रिलीज़ फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' है। कैंसर के इलाज के दौरान ही इरफ़ान ने इस फिल्म की शूटिंग की थी।
इरफ़ान खान की टॉप 5 यादगार परफॉरमेंस
एक्टर इरफान खान (Irrfan Khan) ने मौत को कई बार चकमा देने की कोशिश की और वापस अपने फिल्मों में काम करने शुरू कर दिया था। हालांकि, इस बार इरफान ऐसा करने में असफल रहे। एक्टर के निधन पर उनके फैन्स काफी सदमे में हैं।
एक्टर इरफान खान ने अपने 30 साल के फिल्मी किरयर में 50 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है। एक्टर ने टेलीविजन से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम 'चाणक्य', 'भारत एक खोज' और 'चंद्रकांता' जैसे सुपरहिट धारावाहिकों में बहुत ही शानदार काम किया था। स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले 'डर' सीरियल में इरफान खान मुख्य विलेन के किरदार में नजर आए थे।
साल 1990 में एक्टर इरफान खान (Irrfan Khan) ने बड़े पर्दे पर अपना डेब्यू किया अर्थात उन्हें पहली बार मौका मिला था। इरफान खान 'एक डॉक्टर की मौत' और 'सच ए लौंग जर्नी' में नजर आए थे। हालांकि, इन फिल्मों से इरफान खान को कोई पहचान नहीं मिली। साल 2005 में उन्होंने फिल्म 'रोग' में मुख्य किरदार निभाया था। फिल्म का उनका किरदार क्रिटिक्स को काफी पसंद भी आया था। इसके बाद एक्टर ने कई सुपरहिट फिल्मों में मुख्य किरदार निभाया था। आखिरी बार एक्टर फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' में नजर आए थे।


इरफ़ान की मृत्यु 29 अप्रैल 2020 को कोकिलाबेन अस्पताल, मुंबई में, कैंसर के इलाज के दौरान, कोलन इन्फेक्शन से हुई।
हिन्दी अंग्रेजी फ़िल्मों, व टेलीविजन के एक कुशल अभिनेता रहे साहबजादे इरफान अली खान अर्थात इरफ़ान ख़ान और संक्षिप्त नाम इरफान का जन्मः 7 जनवरी 1967 को जयपुर, राजस्थान, भारत हुआ तथा मृत्यु: 53 वर्ष की उम्र में 29 अप्रैल 2020 मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ।
उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग जैसी फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
हासिल फिल्म के लिये उन्हे वर्ष 2004 का फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। वे बालीवुड की 30 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं।
इरफान हॉलीवुड मे भी एक जाना पहचाना नाम हैं। वह ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर, लाइफ ऑफ़ पाई और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम कर चुके हैं।
2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया।
60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफ़ान खान को फिल्म पान सिंह तोमर में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया।
2017 में बनी हिंदी मीडियम फिल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।
इरफ़ान खान का जन्म राजस्थान में, एक मुस्लिम परिवार में, और टायर का कारोबार चलाते थे।
2012 में उन्होंने अपने नाम की अंग्रेजी वर्तनी "Irfan" में बीच में एक अतिरिक्त "R" (आर) डालकर "Irrfan" कर दिया क्योंकि उनके मुताबिक उन्हें अपने नाम में एक अतिरिक्त र स्वर की ध्वनि पसंद है।
2016 में, उन्होंने खान को उनके नाम से हटा दिया क्योंकि वह चाहते थे कि उनका काम उन्हें परिभाषित करे, न कि उनका वंश।
वर्ष 2018 में उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर (अंत:स्रावी ट्यूमर) का पता चला था, जिसके बाद वे एक साल के लिए ब्रिटेन में इलाज हेतु रहे। एक वर्ष की राहत के बाद वे पुनः कोलोन संक्रमण की शिकायत से मुम्बई में भर्ती हुए। इस बीच उन्होंने अपनी फ़िल्म अंग्रेज़ी मीडियम की शूटिंग की, जो उनकी अंतिम फिल्म थी।

उन्हें अंत:स्रावी कैंसर था, जोकि हॉर्मोन - उत्पादक कोशिकाओं का एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। 29 अप्रैल 2020 को मुम्बई की कोकीलाबेन अस्पताल में, वे बृहदान्त्र संक्रमण से भर्ती थे।
ठीक चार दिन 25 अप्रैल 2020 को पहले उनकी माता का जयपुर में निधन हुआ था जिसके अंतिम दर्शन नहीं कर पाये थे।
प्रमुख फिल्में
2020 - अंग्रेज़ी मीडियम (लड़की के पिता की मुख्य भूमिका में )
2018 – कारवां, ब्लैकमेल
2017 –करीब करीब, सिंगल, हिंदी मीडियम
2013 – डी-डे, द लंच बॉक्स
2011 – ये साली ज़िन्दगी, सात खून माफ़, थैंक यू
2010 – राईट या राँग , हिस्स , नोक आउट
2009 – एसिड फैक्ट्री, बिल्लू बारबर, न्यूयॉर्क
2008 – भोपाल मूवी, स्लमडॉग मिलियनेयर,
क्रेजी 4, देहली 6, रोड टू लद्दाख , संडे
2007 – लाइफ़ इन अ... मेट्रो, अ माइटी हार्ट, पार्टीशन (अंग्रेजी फ़िल्म), मेरीडीयन , माइग्रेशन
2006 – द नेमसेक , द किलर, यूँ होता तो क्या होता, सैनिकुडु (तेलुगु फ़िल्म), सिर्फ़ 24 घंटे, मिस्टर 100%
2005 – दुबई रिटर्न, रोग, बुलेट, साढ़े सात फेरे, चेहरा, चॉकलेट, गरम
2004 – शैडो ऑफ टाइम (अंग्रेजी फ़िल्म), आन, चरस
2003 – मकबूल, हासिल, द बाइपास,
धुंध, फुटपाथ, सुपारी
2002 – काली सलवार , गुनाह , बोकशू द मिथ (अंग्रेजी फ़िल्म), प्रथा (अंग्रेजी फ़िल्म)
2001 – द वॉरियर, कसूर
2000 – घात
1998 – सच अ लौंग जर्नी, बड़ा दिन
1997 – प्राइवेट डिटेक्टिव
1994 –वादे इरादे
1991 –एक डॉक्टर की मौत
1990 –चाणक्य, दृष्टि
1989 – कमला की मौत अजीत
1988 – सलाम बॉम्बे
टीवी धारावाहिक व डॉक्यूमेंट्री फिल्म
वर्ष धारावाहिक चरित्र टिप्पणी
1994 द ग्रेट मराठा में नजीबुद्दौला (रोहिल्ला सरदार)
1992 चाणक्य में सेनापति भद्रसाल
नामांकन और पुरस्कार
फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार
2018 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार - हिंदी मीडियम
2008 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार - लाइफ़ इन अ... मेट्रो
2004 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार - हासिल
नागरिक सम्मान
2011 - पद्म पुरस्कार

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