वर्ग /square of a nomber

।। वर्ग /square of a nomber  ।।अंक 1।।                                                                                   आज हम वर्ग /square के बारे मे चर्चा करेगे । वैदिक गणित कि सहायता से चुटकियो मे वर्ग ज्ञात किया जा सकता हे आज हम उन संख्याओ का वर्ग ज्ञात करेगे जिन के अंत मे 5 आता हो ।                                                                                             
 माना कि संख्या  x 5 का वर्ग निकालना हे                                                                 
वर्ग दो स्टेप मे निकलेगा नियम १.  5 का 25 करेगे ।  नियम २. 5 को नेग्लेट करके जो संख्या बचे (x) मे 1 जोडेगे  (x+1) । जो संख्या आये उसमे संख्या  (x) क गुणा करके 25 के आगे लिखेगे ।                                                                                               
उदाहरण ः- 15 का वर्ग निकालना हे 
नियम २. 5 का वर्ग = 25
 नियम २. 1  मे 1 जोडेगे  ( 1+1) =(2) । (2 ) को 1 से गुणा  करके 25 के आगे लिखेगे । 2/25 =225 

35 का वर्ग = 3+1=4,4x3=12/25=1225  

45 का वर्ग = 4+1=5,5x4=20/25=2025 ,,,,   है ना मजेदार  

55,65,75,85,95,105      
  स्वयं  करके देखिये । 

।।परमपूज्य स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज द्वारा रचित वैदिक गणित से एक सूत्र और प्रस्तुत कर रहा हूँ।

" एकन्यूनेन् पूर्वेण "

किसी संख्या को 9,99,999,9999.........से गुणा करना हो तो ये विधि बहुत ही उपयोगी सिद्ध होती हे।
46 
×99
-----------
(46-1)| 99-(46-1)
45|99-45
45|54
=4554 उत्तर

सर्वप्रथम जिस संख्या को गुणा करना हो उस संख्या में से 1 घटाएंगे ।जो संख्या प्राप्त हो उस को आगे की ओर नीचे लिखेगे यह आधा उत्तर हो गया।दुसरे जो संख्या अभी लिखी हे उस को 99 से घटाएंगे जो प्राप्त हो उसे पहली संख्या के बाद लिख देंगे यही उत्तर होगा ।
उदाहरण -
849
×999
----------------
849-1|
848 | 999-848
848 | 151
=848151 उत्तर

उदाहरण :- 32× 9999 हो तो 
तो 32 के आगे जितने 9 ज्यादा हो उतने ज़िरो लगा देंगे ।क्योकि किसी संख्या के आगे जीरो लगाने से संख्या के मान में कोई अंतर नही पड़ता हे।
0032
×9999
-------------
0032-1|
0031 |9999-0031
31 |9968
=319968 उत्तर
है ना मजेदार करके देखिये ।


।। स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज द्वारा रचित वैदिक गणित का एक सूत्र 
यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्
 
आधार 10,100,1000,10000......... आदि संख्याओं को आधार कहा जाता हे आब इनके आस पास की संख्याओं का वर्ग निकलना सीखेगे  

नियम 1 . जिस संख्या का वर्ग निकलना हो उस संख्या का आधार चयन करेगे 
२. संख्या आधार से ज्यादा हो तो जितना ज्यादा हो उतना जोड्ना हे या संख्या आधार से कम हो तो जितना कम हो उतना कम ( घटाना ) हे । जो संख्या जुडे या घटेगी उसे ''विचलन'' कहते हे 
३. इसके बाद ''विचलन'' का वर्ग करके जोडने या घटाने के बाद जो संख्या प्राप्त होती हे उस के उपर रखदेगे 
४.''विचलन'' का वर्ग कितने स्थान तक आयेगा इसका निरधारन आधार की जीरो पर निर्भर करेगा । यदि आधार 10 तो ''विचलन'' का वर्ग के अंक एक स्थान तक आयेगे यदि ''विचलन'' का वर्ग के अंक दो अंकों मे आते हो तो इकाइ अंक को संख्या पर लिखकर दूसरा अंक हासिल का आगे वालि संख्या मे जुडेगा 

105 का वर्ग निकलना हो तो आधार से (100)से जितना ज्यादा (5) जोड़ेगे व् उसका वर्ग करके लिख देगे।

105 आधार से 5 ज्यादा 105+5 =110
5 का वर्ग 25 को 110 पर रख देंगे
110 / 25 यही वर्ग हे
105 का वर्ग 11025

12 आधार 10 से 2 ज्यादा
12+2=14&2का वर्ग 4
144

92 का वर्ग आधार (100) से 8 कम 92 से 8 कम करेगे
92 - 8 = 84 & 8 का वर्ग 64 को 84 पर रखेगे
8464
92 का वर्ग 8464 हे 

112 = आधार 100 = 112+12=124 ,12का वर्ग रखने पर 144 ,124 / 144 ,आधार 100 अंतिम संख्या दो स्थान पर = 124+1 / 44 = 12544 

14 आधार 10 4 ज्यादा 14+4=18 , 4 का वर्ग रखने पर 16 , 1 8 /16 आधार 10 अंतिम संख्या एक स्थान पर 16 के 6, 1हासिल का 18 मे जुडेगा 1 8 + 1/ 6 =196 
 
ये हे वैदिक गणित सरल औ र मजेदार

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