बागेश्वर धाम में अर्जी की महिमा क्या है?

विनजीत 2  पब्लिशर्स एण्ड प्रिंटर्स
बागेश्वर धाम

गुरुजी बागेश्वर धाम महाराज धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी 

बागेश्वर धाम बालाजी


बागेश्वर धाम में अर्जी की महिमा क्या है?
भारत हो या सात समंदर पार का कोई देश, बागेश्वर धाम सरकार के बारे में कौन नहीं जानता? बागेश्वर धाम श्री बालाजी जी (हनुमान जी) का पवित्र और दिव्य धाम है। श्री बालाजी बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने की एक अलग ही महिमा है। बागेश्वर मंदिर धाम की विशेषता यह है कि मंदिर में आये भक्तगण और श्रद्धालु मंदिर में अर्जी लगाकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करते हैं।  इस लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु अर्जी लेकर धाम पर आते है, और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। 
भक्तो की अर्जी महाराज धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पढ़ते है, और उसका समाधान एक पर्ची में लिख देते है। उनका यही चमत्कार देख कर सभी लोग सोच में पड़ जाते है। कि कैसे महाराज लोगों की मन की बात जान जाते है। बागेश्वर धाम की इसी महिमा को सुन कर हजारों नहीं  लाखों श्रद्धालु रोजाना बागेश्वर धाम पर आते है। 

बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं

बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं? 100% करेगी काम ! 

यदि आपका भी कोई काम बिगड़ा हुआ है या कोई काम पूरा नहीं हो रहा, आप भी अपनी अर्जी लगाना चाहते हैं परन्तु बागेश्वर धाम नहीं जा पा रहे तो आप बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी लगा सकते हैं। कैसे ? 

यदि आपने सच्चे मन से अर्जी लगाई तो बहुत ही जल्द बागेश्वर धाम सरकार आपकी इस अर्जी को सुनेंगे और आपको पता भी लग जायेगा कि आपकी अर्जी स्वीकार हो गयी है। 

नमस्कार भक्तो जैसा की आप सब यह जानते ही है, की बागेश्वर धाम में विधिवत रूप से अर्जी लगाने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है। परन्तु अगर आप विधिवत रूप से अर्जी नही लगाते हो, तो आपकी अर्जी स्वीकर नही होगी। 

और हमने देखा है की, बहुत से लोग अर्जी लगाने की विधि गलत बताते है। इसलिए आज हम आपको गुरुदेव जी यानि श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम सरकार ने स्वयं अर्जी कैसे लगाए विधि को बताया है। इसको पढ़ने के बाद आपके मन में अर्जी को लेकर कभी कोई शंका नहीं आएगी।

बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं?
चाहें गरीब हो या फिर अमीर महाराज के लिए सब एक समान है। इसलिए वो कहते है की अगर आप किसी भी कारणवश अगर धाम पर आ पाते है, तो आप घर बैठे बागेश्वर धाम में अर्जी लगा सकते हो। 

गुरुदेव जी यानि श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम सरकार ने स्वयं इस विधि को बताया है। कोई भी व्यक्ति इसका प्रयोग करके बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी आसानी से लगा सकता है, आगे हमने यह विधि दी हुई है। 

आप ध्यान से इसे पढ़ें और सच्चे मन से अपनी अर्जी लगाएं।
आवश्यक सामग्री
★ एक लाल रंग का कपड़ा 
★ एक नारियल 
★ सादा कागज 
★ एक पैन या कलम
★ मंत्र –> ॐ बागेश्वराय नमः। 
★ अर्जी लगाने का दिन –> मंगलवार और शनिवार 

अर्जी लगाने का क्रम
किसी भी मंगलवार या शनिवार के दिन का चुनाव करें।
1. सर्वप्रथम बाजार से एक लाल रंग का कपडा और  एक नारियल लेकर घर आना है।
2. फिर एक कागज़ पर अपनी अर्जी लिखें या तीन बार मनोकामना बोलें।
3. अर्जी व नारियल को 5 लोंग के साथ कपडे से बांधे । 
4. ॐ बागेश्वराय नमः। मंत्र बोलना है। 
(इस मंत्र की पूरी एक माला करनी है या 108 बार आपको जाप। करना है। यदि अर्जी नहीं लिख रहे हैं तो तीन बार अपनी मनोकामना बोलें।)
5. अर्जी वाले दिन से ही, लहसुन प्याज बिल्कुल छोड़ देनी है अर्थात उसका त्याग कर देना है। आपका भोजन पूरी तरीके से एकदम शाकाहारी हो उसे ही ले सकते हैं ।
6. नारियल सहित बंधी इस अर्जी को (बागेश्वर धाम बाला जी को ध्यान में रख कर अर्जी को) अपने पूजा मंदिर में रख अथवा बांध लीजियेगा और यदि निकट भविष्य में आपको बागेश्वर धाम जाने का अवसर मिलता है तो वहाँ जाकर इस नारियल को बांध देवें और यदि नहीं जा पाएं तो घर पर ही इसे बांधे रखें।
7. उसके बाद सिर झुका कर आपको बालाजी जी महाराज से प्रार्थना करनी है, कि हे बालाजी जी महाराज हमारी अर्जी को स्वीकार कीजिए।
8. जिस दिन अर्जी बांधे उसी दिन से आपको चार दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा। चाहे आप गृहस्थाश्रम में हैं तो भी आपको चार दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा।  
9. अर्जी बांधने के बाद आपको प्रतिदिन पूजा करना है और बागेश्वर धाम की एक माला का जाप करना है ।
10. प्रतिदिन एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करना अनिवार्य है।

एक लाल रंग के कपड़े में नारियल को बांधकर रखना है। बाधनी है जो आपका मनोरथ है जो आपकी मनोकामना है उस मनोकामना को आपको तीन बार बोलना है। इसके बाद नारियल बांधकर के पूजा मंदिर में रख देना ।

(आपकी जो मनोकामना है उसी के अनुसार लाल अथवा काले कलर के कपड़े का प्रयोग करें । लाल कपड़ा आपकी अन्य मनोकामनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है और काला कपड़ा भूत प्रेत की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए प्रयोग किया जाता है। अपनी इच्छा अनुसार लाल कपड़े में अथवा काले कपड़े में नारियल लेकर बागेश्वर धाम के मंत्र का जाप करके अपने पूजा घर अथवा तुलसी घर पर इसे बांध कर रख देना है।)


कैसे पता लगेगा अर्जी स्वीकार हुई या नहीं?
अर्जी बांधने के बाद हो सकता है कि आपके मन में प्रश्न उठे कि कैसे पता लगेगा कि हमारी अर्जी स्वीकार हुई है या नहीं हुई? 
तो गुरूजी बताते है कि अगर आपने सच्चे मन से अर्जी लगाई है और वह स्वीकार हो गयी है तो आपको या फिर आपके घर में किसी भी व्यक्ति को स्वप्न में लगातार 2 दिन तक बन्दर दिखाई देंगे। यह एक प्रत्यक्ष प्रमाण है।
यदि आपको केवल एक ही दिन बन्दर दिखाई दें तो हो सकता है कि ऐसा केवल आपकी लगन की वजह से दिखाई दिए हों।
अर्जी स्वीकार होने के लिए कम से कम लगातार 2 दिन तक घर में किसी के स्वपन में बन्दर अवश्य दिखाई देंगे।
तो अर्जी लगाने के बाद जब भी आपको लगतार दो दिन स्वप्न में वानर दिखाई दे तो, आप समझ लीजिए आपकी अर्जी बालाजी महाराज ने स्वीकार कर ली है। 

अर्जी स्वीकार न हो तो क्या करें?
अब अर्जी लगाने के बाद 2 दिन तक लगातार बंदर नहीं दिखाई दिए तो अर्जी स्वीकार हो गई तो अब क्या करें ?

इसका भी समाधान गुरूजी बताते है कि यदि आपकी अर्जी स्वीकार नहीं हुई, यानि कि परिवार के किसी भी व्यक्ति को स्वप्न में लगातार 2 दिन बन्दर नहीं दिखाई दिए तो फिर से मंगलवार को यही उपाय कीजिये। 
यह विधि सच्चे मन और पूर्ण विश्वास से 2-3 बार दोहराइये। यदि मन में विश्वास है और आप दरबार में हैं तो आपको टोकन मिल जायेगा। महाराज से मिलने के लिए आपके पास टोकन होना चाहिए। जब भी बागेश्वर धाम में टोकन बांटे जाएं तब आप धाम पर जाकर टोकन ले लीजिए।
नहीं तो जहां भी आपके आसपास कहीं दरबार लगता है तो बालाजी स्वयं आपको बुलाकर आपकी अर्जी स्वीकार कर लेंगे।

बागेश्वर धाम में अर्जी कैसे लगाए।
बागेश्वर धाम श्री बालाजी जी (हनुमान जी) का पवित्र और दिव्य धाम है। और हनुमान अनुष्ठान मंगलवार और शनिवार के दिन ही किए जाते हैं। 
इसलिए बागेश्वर धाम पर मंगलवार और शनिवार के दिन का बहुत महत्व है। इसी के चलते अगर आप बागेश्वर धाम में मंगलवार या फिर शनिवार के दिन अर्जी लगाते हो, तो आपकी अर्जी बहुत जल्दी स्वीकार हो जाएगी। 

1. बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने के लिए आपको धाम पर जाकर सबसे पहले एक नारियल और लाल कपड़ा खरीदना है। 
2. नारियल लेने के बाद आपको उसको लाल कपड़े से लपेटना है। नारियल को लाल कपड़े से लपेटते हुए, आपको अपनी अर्जी को लिखना या बोलना है। 

3. उसके बाद आपको बालाजी जी महाराज से प्रार्थना करनी है, की हे बालाजी जी महाराज हमारी अर्जी को स्वीकार कीजिए। 

4. उसके बाद आपको मंदिर परिसर की 21 परिक्रमा करनी है। यदि आप इतनी नहीं लगा सकते तो और कम भी लगा सकते हैं परंतु यह संख्या एक विषम संख्या होना चाहिए । 

बागेश्वर धाम आश्रम पर परिक्रमा लगाने के बाद प्रसाद चढ़ाना है और मंदिर पर ही हनुमान चालीसा का पाठ करना है ।

5. फिर नारियल के रूप में अर्जी को धाम पर बांधनी है।  

अर्जी लगाने के बाद आपको अर्जी स्वीकर होने की कामना करनी है।  और कुछ नही करना है। अर्जी के बाद आपको अपने घर चले चले जाना है। 

फिर जब आपको बागेश्वर धाम कमेटी के द्वारा फोन आ जायेगा तब आपको बागेश्वर धाम पर आना है। तभी आप आपको महाराज जी से मिलने का अवसर मिल जाएगा।  

दिल्ली से बागेश्वर धाम कैसे पहुंचे 
दिल्ली से बागेश्वर धाम कैसे पहुंचे, दिल्ली से बागेश्वर धाम की दूरी लगभग 676 किलोमीटर है। दिल्ली से बागेश्वर धाम जाने के लिए आप अपनी सुविधानुसार बस, ट्रेन या फिर हवाई जहाज की यात्रा को चुन सकते हैं।

बागेश्वर धाम झांसी से 170 किलोमीटर दूर है आपको झांसी पहुंचना होगा। झांसी के लिए आपको अपनी सुविधानुसार बस, ट्रेन और हवाई जहाज की सुविधा मिल जाएगी। 

झांसी के बाद आप छतरपुर गंज बड़ा मल्हारा या नौगांव जो भी आपके नए कपड़े वहां पहुंचकर सीधे बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं। 

खजुराहो रेलवे स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर बमीठा पहुंचते हैं । बमीठा से 15 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम स्थित है। नेशनल हाईवे 39 से से अंदर बागेश्वर धाम की दूरी मात्र 6 किलोमीटर है। 

छतरपुर से बागेश्वर धाम की दूरी कितनी है30 km 
गंज से बागेश्वर धाम की दूरी कितनी है9 km 
बड़ा मलहरा से बागेश्वर धाम की दूरी कितनी है80 km 
नौगांव से बागेश्वर धाम की दूरी कितनी है55 km 

यदि आप हवाई यात्रा के माध्यम से बागेश्वर धाम पहुंचना चाहते हैं तो बागेश्वर धाम के निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो हवाई अड्डा है खजुराहो हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर बागेश्वर धाम स्थित है। खजुराहो एयरपोर्ट एक राष्ट्रीय एयरपोर्ट है खजुराहो बहुत ही प्रसिद्ध नगर है खजुराहो में विदेशी पर्यटक भी घूमने के लिए खजुराहो के मंदिर देखने के लिए पहुंचते हैं।

बागेश्वर धाम की जानकारी एक कॉल दूर
बागेश्वर धाम महाराज का कहना है कि आप केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए बागेश्वर धाम आ जाते हैं और आपका समय बर्बाद होता है और आप बेमतलब ही परेशान होते हैं इसीलिए आप इस नंबर पर कॉल करके कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।
बागेश्वर धाम से संबंधित कई प्रकार की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाती थी और लोगों को बागेश्वर धाम आकर ही बागेश्वर धाम की जानकारी प्राप्त करनी होती थी जिसके लिए बागेश्वर धाम महाराज ने एक टोल फ्री नंबर 8800 330 912 को लॉन्च किया है ।

यह एक ऐसा टोल फ्री नंबर है जो पूरे 24 घंटे उपलब्ध रहता है कोई भी बागेश्वर धाम का भक्त इस नंबर पर कॉल करके किसी भी प्रकार की जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकता है । उसे बेमतलब बागेश्वर धाम आने की आवश्यकता नहीं होगी। 

बागेश्वर धाम पर पेशी 
बागेश्वर धाम पर पेशी करने का तात्पर्य है कि आप बालाजी श्री हनुमान जी के दर्शन कर चुके हैं । 
दोस्तों बागेश्वर धाम बालाजी श्री हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आपको मंदिर की परिक्रमा कम से कम 21 लगानी होती हैं । यदि आप इतनी नहीं लगा सकते तो और कम भी लगा सकते हैं परंतु यह संख्या एक विषम संख्या होना चाहिए । 
बागेश्वर धाम आश्रम पर परिक्रमा लगाने के बाद प्रसाद चढ़ाना है और मंदिर पर ही हनुमान चालीसा का पाठ करना है ।

अर्जी के लिए प्रार्थना
हे बागेश्वर बालाजी, हे पूज्यपाद सन्यासी बाबा हमारी अर्जी स्वीकार करो, हम पर दया करो, हमारे कष्टों को दूर करो, हमारे घर में जो भूत प्रेत आदि बाधा है उसे हटाओ। 
बाबा! हम पर कृपा करो हम पर दया करो । हम पर कृपा करो हमारी अर्जी सुनो, अपनी मर्जी करो , हे सन्यासी बाबा जो भी संकट हो उसे एक ही पेशी में काटो। हम आपकी शरण में है। 

सन्यासी बाबा आपकी 40,000 की सेना है। भला उसके रहते हुए आप के दरबार में आए हुए मुझे कुछ प्राणी के कष्ट कैसे दूर नहीं होंगे। सन्यासी बाबा अपनी सेना को आदेश दो कि वह मेरे कष्टों को दूर करें।

[बड़ी ही श्रद्धा एवं भाव से सन्यासी बाबा और बागेश्वर बालाजी का ध्यान करना है और अपने प्रश्नों को तीन बार दोहराना है और 'ॐ बागेश्वराय नमः' बोलना है। ]

हे प्रभु हे गुरुदेव सन्यासी बाबा मेरी यह अर्जी स्वीकार करो। हम आपके धाम आएंगे, हम पर कृपा करो , हम पर कृपा करो। 

[दाहिने हाथ की मुट्ठी से 7 बार सिर के ऊपर से सीधा उतारा करना। उतारा करने के बाद उसे बागेश्वर बालाजी के तरफ छोड़ देना। बाएं हाथ की मुट्ठी का उल्टा 7 बार उतारा करना है और उसे भी बालाजी की तरफ छोड़ देना है ।]

बाबा हम जीवन पर्यंत आपके चरणों से जुड़े रहेंगे, जब भी संसार कर्मा के बाद आपका आदेश होगा आपके धाम बागेश्वर पर आते रहेंगे, हम यह वचन देते हैं ।

मनोकामना पूर्ति के लिए ये उपाय करें
★ उपाय
दोस्तों यदि आपकी कोई मनोकामना पूर्ण नहीं हो रही है। नौकरी योग, विवाह योग, भवन योग , भूमि योग इन सबके लिए अगर आप आशीर्वाद पाना चाहते हैं। पर्चा नहीं बन पा रहा है तो क्या उपाय करें। दूसरा और अंतिम उपाय जो सन्यासी बाबा ने बताया है रामायण की एक चौपाई है, किष्किंधा कांड की चौपाई है।

इस चौपाई का पाठ आप मनोरथ पूर्ति के लिए भी कर सकते हैं जो आपकी मनोकामना है उस कामना की पूर्ति के लिए इस चौपाई का पाठ 108 बार कर सकते हैं ।

“कवन सो काज कठिन जग माही, जो नहि होय तात तुम पाही ” ।

★ उपाय 
अगर आप अत्यधिक बीमार हैं अत्यधिक रोग से ग्रसित हैं दवा काम नहीं कर रही है हॉस्पिटल में भर्ती है तो आप एक चौपाई हनुमान चालीसा की कर सकते हैं

“नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत वीरा” ।

इस चौपाई को 108 बार बोल कर के उपाय वही करना है । मनोरथ पूर्ति के लिए सुपारी रखनी है, बीमारी के लिए जल रखना है , मनोकामना की पूर्ति के लिए सुपारी को लाल रंग के कपड़े में बांध कर रखना है और बीमारी के लिए जल को कटोरी में रखना है, जल की कटोरी से जल को रोगी को पिलाना है, सुपारी को अगर आप मनोरथ पूर्ति के लिए रखना चाहते हैं तो पूजा मंदिर में रखना है। पांच आहुति सन्यासी बाबा के नाम की देना है। तुम पाओगे कि 21 पेशी करने के बिना बिना पर्चा बने, बिना अर्जी लगे कृपा होने लगेगी है इन दोनों चौपाइयों का प्रयोग सन्यासी बाबा , हनुमान जी के पास से बागेश्वर महाराज जी को आदेश मिला है। वही आपको उन्होंने बताया।


यदि अर्जी स्वीकार होने में समय लग रहा है तो दो उपाय करे।

1) मंगलवार को बाधेश्वर बाला जी व प्रेतराज सरकार के दर्शन करें।

2) रात के समय अगर शरीर में पीड़ा बने तो तुरंत हाथ, पैर, मुंह धोकर, पाँच आहूती चढ़ाए । तीन आहूती बागेश्वर बाला जी के नाम से, दो आहूती सतयगुर- सुन्यासी बाबा के नाम से  दे दीजिए और उसी भभूती को रोगी को तुरते खिला दें । रोगी को तुरंत आराम मिल जाएगा।


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